Friday, 16 February 2018

Microsoft Founder Bill Gates के सफलता का राज

Success Story of Microsoft Company 

दुनिया के सबसे अमीर इंसान बिल गेट्स का जो अपनी सच्ची लगन और मेहनत के बल पर इस मुकाम पर पहुंचे हैं कि अगर वह इस विश्व में अपना एक अलग देश बनाएं तो भी वह दो  आमिर होगा  बिल गेट्स प्रत्येक दिन लगभग 102 करोड रुपए कमाते हैं और कहा जाता है कि बिल गेट्स अगर पूरी दुनियां में हर संपत्ति का बराबर बराबर रुपया बातें तो हर ₹5000 आएंगे इनका जन्म 28 अक्टूबर 1955 को वाशिंगटन के  सीएटल में हुआ था  बिल गेट्स की पिता विलियम्स गेट थे जो कि एक मशहूर वकील थे उनके माता-पिता उनके लिए लव में कैरियर बनाने का शुक्र लेकर बैठे थे लेकिन बिल को बचपन से ही कंप्यूटर और उनकी प्रोग्रामिंग भाषाओं में बहुत ज्यादा रुचि थी. 
bill gates
bill gates 


उनकी प्रारंभिक शिक्षा लेकसाइड स्कूल में हुई लेक साइट स्कूल में विद्यार्थियों को कंप्यूटर सीखने और उसे और अधिक जानने के लिए स्कूल की तरफ से कंप्यूटर दे दिया गया इससे बिल गेट्स की कंप्यूटर में रूचि और बढ़ने लगी बिन को कंप्यूटर सीखने से ज्यादा यह जानने की रुचि थी कि आखिर यह काम कैसे करता है कुछ साल कंप्यूटर की जानकारी होने के बाद उन्होंने 13 साल की उम्र में टिक टिक टॉक टू नाम का प्रोग्राम बनाया जो कि एक तरह का गेम था कोई भी व्यक्ति उस गेम को कंप्यूटर के साथ खेल सकता था मतलब उस गेम को खेलने के लिए 2 लोगों की आवश्यकता नहीं थी स्कूलिंग के समय ही बिल गेट्स की मुलाकात पॉल एलन से हुई 2 साल सीनियर थे कंप्यूटर की मिलती थाना और विचारों की वजह से ही दोनों अच्छे दोस्त बन गए जबकि दूसरी तरफ उनके पहले हम बहुत ही शर्मीले और शांत स्वभाव के थे उनकी  बिल गेट्स थोड़े चंचल स्वभाव थे. 

बिल गेट्स की स्कूल वालों ने कंप्यूटर लैब में जाने का रोग लगा दिया था दोनों अपने कंप्यूटर सीखने के वक्त के अलावा अपनी पढ़ाई छोड़ कर सारा वक्त ले पर बिताते थे और कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर के साथ छेड़छाड़ किया करते थे 5:00 में दोनों को फिर से इस शर्त पर लाइफ में आने की इजाजत मिल गई हिंदी समय अपने प्रोग्राम बनाया स्कूल के टाइम टेबल शेडूल में काम आता था 1970 में 15 साल की उम्र में ही दिल के एक प्रोग्राम बनाया जोकि शहर की ट्रैफिक पैटर्न पर नजर रखता था  उन्हें  इस काम के लिए $20000 मिले जो  1970  मैंExide स्कूल से पास हुए  उसके बाद हावर्ड यूनिवर्सिटी में उन्होंने एडमिशन ले लिया  1975 में बिना ग्रेजुएशन किए कॉलेज छोड़ दी और अपनी कंपनी की तरफ ध्यान देने लगे 26 नवंबर 1976 को उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट को एक कंपनी के तौर पर रजिस्टर किया और देखते ही देखते कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की दुनिया में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर लिया बिल गेट्स की संपत्ति में भी उनके बच्चों का कोई हक नहीं होगा फिर कहते हैं. 

वह अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देंगे लेकिन कमाई के लिए उन्हें अपने रास्ते खुद निकालने होंगे
तो दोस्तों आप समाज गए होंगे की कैसे बड़े बिज़नेस मेनोको सफलता मिलती है जीवन में मेह्नत्त जरुरी है तो पड़ते रहे कल में ऐसी ही दूसरी कहती लेक आवूंगा.

इस स्टोरी से एक सिख मिलती है के मन में जो कुछ करने की इच्छा हो तो हमें कोई रोक नहीं सकता और अपने मेह्नत्त में भरोसा होना चाहिए की बस दोस्तों आप कोई भी काम में मेह्नत्त करोगे तो जर्रूर सफल होंगे. 

No comments:

Post a Comment